पचोर / सारंगपुर - उदनखेडी में 7 मार्च 2026 को 7 किसानों की फसल हुई जलकर खाक 4 महीने की कड़ी मेहनत से उगाई गेहूं की फसल एक पल में ही जल गई आसपास के किसान एवं ग्रामीण जन पहुंचकर लगी आग पर काबू किया जिसमें एक फास्ट ब्लैडर दो पानी के टैंकर दो स्प्रे पंप चार हार्वेस्टर से गेहूं कांटे गए और दो टैक्टर की मदद से खेत के आसपास जमीन की मिट्टी कि हकाई की गई जलती हुई अग्नि की लपेट से बिना डरे सभी के सहयोग से आग पर काबू किया गया इन किसानों की जली फसल नंदलाल नागर पिता बापू लाल नागर दुर्गाबाई पति नंदलाल नागर कमल नागर पिता नंदलाल नागर जितेश नागर पिता नंदलाल नगर लक्ष्मी नारायण ड्राइवर पिता चुन्नीलाल नागर कमल राजपूत पिता घीसालाल जाति राजपूत इन किसानों की फसल पूरी जलकर नष्ट हो गई लगभग 40 से 50 बीघा के गेहूं की फसल मेहनत जलकर खाक और खेत में लगे कैसी यंत्र सिंचाई के लिए मिनी स्पिनर नोजल सहित पाइप छड़ी केवल बंगले में रखा हुआ कीमती सामान सब कुछ जलकर समाप्त हो गया मौके पर पुलिस प्रशासन सो नंबर 100 अलका पटवारी दीपक शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जिन किसानों की फसल जली उनके रब्बा क्रमांक एक्टर लिखकर मौके पर पंचनामा बनाया गया जिसमें विद्युत मंडल की लापरवाही से हुआ है किसानों का नुकसान विद्युत मंडल के द्वारा लगातार चार दिनों से बार-बार तुम लाइट का इंटरप्रेट करते हुए जिसका कोई नाम नहीं कभी दिन में कभी रात को कभी दिन में दिनांक 6 ,3,26 को ऑपरेटर से बात की गई लाइट का समय शाम को या सुबह किया जाए लेकिन ऑपरेटर द्वारा बताया गया आगे से राजगढ़ से ई साहब का आदेश है कि दिन में 10:00 बजे से और 3:00 बजे तक चलाया जाए विद्युत विभाग सिर्फ मैसेज व्हाट्सएप से पूरी जानकारी चल रही है आग लगने का कारण राजगढ़ विद्युत विभाग के ई साब को बताया गया लाइट कब आती है कब जाती है इसका कोई निश्चित कोई समय नहीं कृषि पंप लाइट अगर 10 से 3 में नहीं देते तो आज लगभग 15 लाखों रुपए से अधिक का नुकसान नहीं होता जिस खेत में विद्युत लाइट द्वारा आग लगी उसी खेत में एक ही पल पोल (खंबे) से 11 की लाइट 3 दिशाओं में जा रही जबकि ऐसा कोई आदेश में नहीं है यह पूरी विद्युत मंडल के लापरवाही जहां पर गेहूं की फसल जली वहां बड़े मॉल के नाम से जाना जाता है उसके बाद हनुमान मंदिर टिकरिया तरफ विद्युत लाइट से फसल में आग लगी थी लेकिन मौजूद किसान द्वारा बुझाई गई किसानों द्वारा बताया गया की पूरी आग का कारण विद्युत मंडल के कर्मचारी है नहीं सुपरवाइजर सुनता है ना ही उनसे ऊपर बैठे हुए अधिकारी से लेकर जिम्मेदार जनप्रतिनिधि भी सुनने को तैयार नहीं ऐसे में सिर्फ किसानों का ही नुकसान होता है करोड़ों रुपए का नुकसान होते-होते बच गया.

 
 
    IndiaTezNEWS24
    District: Hoshangabad
    State: Madhya Pradesh

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