होशंगाबाद- स्वास्थ्य विभाग के डोलरिया ब्लाक में हुए मोबिलिटी सपोर्ट में लाखों के फर्जीवाड़े की जाँच अभी तक थमने का नाम ही नहीं ले रही है l मोबिलिटी सपोर्ट के फर्जीवाड़े की डायरी डोलरिया थाने से चलकर लगभग 3 सालों में अब कहीं जाकर एसडीओपी. कार्यालय सिवनी मालवा तक पहुंची है l ऐसा नहीं है कि पुलिस जाँच नहीं कर रही, लेकिन लाखों के फर्जीवाड़े से जुड़े प्लानरों की अरेस्टिंग में लेट-लतीफी बता रही है l बताना जरुरी है यदि वाकई बारीकी से जाँच हो रही है तो भ्रष्टाचार से सने दस्तावेजों की पतासाजी में सालों कैसे गए l

               पुलिस को अब भनक लगी है कि सीएमएचओ कार्यालय के बाबुओं की लाबी के वरिष्ठ -लेखापाल का भी चकमा देने में हाथ है l चर्चा में रहे मेवारी विभागीय जाँच-कमेटी में सह-जांचकर्ता बताये जा रहे हैं l अब सवाल यह है आखिर जिन दस्तावेजो की जाँच हुई वे कहाँ गए ? यदि जाँच हुई तो फिर अब तक वो कालाचिटठा पुलिस के हाथ क्यों नहीं लगा ?

              आर टी आई से भ्रष्टाचार का पुलिंदा हाथ लगते ही उजागर मामले के जिन दस्तावेजों की तलाश में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी महोदय से बार बार पत्राचार पुलिस कर रही है वे गायब कैसे होगये ? दरअसल सी. एम.एच.ओ. कार्यालय के द्वारा मामले को साफतौर से दबाया जा रहा है l पुलिस को पूरी तरह से गुमराह किया जा रहा है l यहाँ बता देना जरुरी है ९० दिन की चालानी कार्यवाही को ९०० दिनों में भी पुलिस पूरा नहीं करपाई, अचंभे की बात है l अब देखना यह है क्या पुलिस स्वास्थ्य विभाग के पत्राचार से डायरी भरेगी ?

या फिर उन फर्जी वाहन मालिकों तक पहुँच ही नहीं बना पा रही ?

या फिर मामले को उजागर करने वाली आर.टी.आई. ही चालान की मददगार साबित होगी ?

 
 
    IndiaTezNEWS24
    District: Hoshangabad
    State: Madhya Pradesh

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