रोहिंग्या मुस्लिमों की मानवाधिकारों पर बात करने वाले लोग, रोहिंग्या मुस्लिमों द्वारा कत्ल किये गए 45 हिंदुओं पर आज चुप है। आज देश देख रहा है कि रोहिंग्या के लिए सड़क पर उतरने वाले लोग, 45 हिन्दुओ को जमीन में गाड़ने वालों के खिलाफ मुँह खोलने को भी तैयार नहीं। दुनिया की तमाम बढ़ी शक्तियों को म्यांमार के गावँ जलते दिख गए लेकिन उसी गावँ में हिंदुओं का कत्ल कर जमीन में गाड़ना नही दिखा?

बताया जा रहा है कि उस गाँव की आबादी 1000 के आसपास थी जिसमे से 50-60 लोग जिंदा है, 45 लोगों की सड़ी गली लाशें जमीन में से निकाली जा चुकी है, बाकि बचे सभी लोग लापता है। अब सवाल यह उठता है कि ये लापता लोग है कहाँ? कही ये भी तो जमीन के नीचे नही गड़े है? म्यांमार की सेना स्थानीय लोगो और पुलिस के साथ मिलकर खुदाई करवा रही है जिसमे और भी हिन्दुओ की लाशें मिलने की संभावना है।

मानवाधिकार की बात करने वाले लोग, म्यांमार में बलात्कार के शिकार हुए हिन्दू लड़कियों, औरतों पर चुप क्यों है? रोहिंग्या द्वारा कत्ल किये गए हिन्दुओ का कोई मानवाधिकार क्यो नही है? केवल एक धर्म के मानवाधिकार की बात करने वाली इस संस्था को बंद क्यो नही किया जाता जो समाज मे जहर घोलने का काम कर रही है? आखिर क्यों गैर मुस्लिमों के मानवाधिकार की बात नही होती है?

इस देश की मीडिया हनिप्रीत की खबर दिखाने में व्यस्त है। अब देश के नागरिकों को तय करना होगा कि इन मीडिया का बहिष्कार किया जाए या नही जो गैर-मुस्लिमों पर किये जा रहे अत्याचार को नही दिखाती है? 

रोहिंग्या मुस्लिमों पर जब म्यांमार की सेना ने मोर्चा खोला तब कई नेताओं,ngo,उद्योगपतियो ने इसका विरोध किया, वही उन्ही रोहिंग्या मुस्लिमो ने हिंदुओं को जमीन के नीचे गाड़ा, इस पर ये सभी मौन है। आज पूरा देश देख रहा है इस तुच्छ राजनीति को। अब देश के सभी धर्मों को मानने वाले लोगों को विचार करना होगा कि इस तरह से समाज मे जहर घोलने वाली मीडिया का बहिष्कार किया जाए या नही?

 
 
    IndiaTezNEWS24
    District: Hoshangabad
    State: Madhya Pradesh

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